पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तानी सेना और देश की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई ने चरमपंथी गुट अल-क़ायदा को ट्रेनिंग दी थी. इ मरान ख़ान ने ये भी कहा कि पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत फ़ौज से लड़ने के लिए चरमपंथी गुटों को तैयार किया था. उन्होंने साथ ही कहा कि पाकिस्तान ने 9/11 के हमले के बाद अमरीका का साथ देकर बहुत बड़ी ग़लती की. इमरान ख़ान ने न्यूयार्क में एक थिंक टैंक " काउंसिल ऑन फ़ॉरेन रिलेशंस (सीएफ़आर ) " के एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं. उनके इस कार्यक्रम में इमरान ख़ान के जवाबों के मुख्य अंश - इस कार्यक्रम में इमरान ख़ान से अमरीका के पूर्व रक्षा मंत्री जिम मैटिस के एक संस्मरण में की गई उनकी एक टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगी गई जिसमें जि म मैटि उन्होंने कहा कि इसके बाद 1989 में जब सोवियत सेना अफ़ग़ानिस्तान से निकल गई और अमरीका पाकिस्तान से चला गया तो पाकिस्तान में ये जिहादी गुट रह गए, और 9/11 के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर आतंक के विरूद्ध लड़ाई में अमरीका का साथ दिया और इस बार ज ब अमरीका अफ़ग़ानिस्तान लौटा तो जिन्हें पाक...