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केस की SC में सुनवाई आज, CVC बंद लिफाफे में सौंपेगा रिपोर्ट

अनंत कुमार के निधन पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, 'अनंत जी के निधन से बीजेपी और देश की राजनीति में ऐसा सूनापन पैदा हुआ है जिसे भर पाना मुश्किल है. भगवान उनके परिवार को दुख सहने की क्षमता दे. उनके परिजनों को मेरी सांत्वना.'
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने दुख जताते हुए कहा, 'मैंने अपना परम मित्र खो दिया. वे आदर्शों वाले राजनेता थे जिन्होंने एक सांसद और मंत्री के तौर पर देश को बहुत कुछ दिया. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिजनों और सगे-संबंधियों को दुख सहने की क्षमता दे.'
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'अनंत कुमार जी मेहनती राजनेता और प्रशंसित सामाजिक कार्यकर्ता थे. कर्नाटक की राजनीति में उनका बड़ा योगदान रहा है. अपने अच्छे कार्यों के लिए वे अक्सर याद किए जाते रहेंगे. उनका निधन अचंभित करने वाला है.'
बता दें कि अनंत कुमार पिछले कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर थे. बेंगलूरु साउथ से लगातार 6 बार जीत हासिल करने वाले अनंत कुमार को फेफड़ों का कैंसर था. उनका इलाज लंदन और न्यू यॉर्क में भी हुआ था.
अनंत कुमार के निधन पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी दुख जताया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि यह जानकर बहुत दुख हुआ अनंत कुमार अब हमारे बीच नहीं है. उन्होंने पूरे जीवन बीजेपी की सेवा की. बेंगलुरु हमेशा उनके दिल और दिमाग में था.
सीबीआई के टॉप अफसरों के बीच चल रही जंग पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. छुट्टी पर भेजे गए डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना की केंद्रीय सतर्कता आयोग ( ) के सामने पेशी हो चुकी है. अब सीवीसी आज सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
सीवीसी ने आलोक वर्मा मामले में जो भी जांच की है, उसको लेकर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंपी जाएगी. बता दें कि सीबीआई की इस जांच कमेटी की अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एके पटनायक ने की थी. आज सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच इस मामले की सुनवाई क

गौरतलब है कि सीबीआई ने हैदराबाद के कारोबारी सना सतीश बाबू से दो करोड़ रुपए की रिश्वत कथित रूप से लेने के लिए अस्थाना के खिलाफ 15 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की थी. जिसके बाद अस्थाना ने आलोक वर्मा पर भी रिश्वत के आरोप लगाए थे.

रेगी.
वहीं सीबीआई भी आज सुप्रीम कोर्ट में दो रिपोर्ट पेश करेगी. इनमें एक नागेश्वर राव के द्वारा लिए गए फैसले और सीबीआई के द्वारा लिए गए फैसले शामिल होंगे.
गौरतलब है कि रिश्वतखोरी विवाद में  प्रमुख आलोक वर्मा और जांच एजेंसी में नंबर दो राकेश अस्थाना को 23 अक्टूबर को छुट्टी पर भेज दिया गया था. दोनों ने ही इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर की है.
समाचार एजेंसी के मुताबिक, सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के. वी. चौधरी की अगुवाई में बनी समिति के समक्ष एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, तथा खुद का बचाव किया.
जांच समिति में चौधरी के अलावा सर्वोच्च न्यायालय के रिटायर जज ए. के.पटनायक और सतर्कता आयुक्त तेजेंद्र मोहन भसीन और शरद कुमार शामिल हैं. जानकार सूत्रों ने बताया कि समित के समक्ष एक घंटे तक चली जिरह में वर्मा ने खुद के ऊपर अस्थाना द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया.

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